
यहाँ पर कक्षा 10 NCERT हिंदी (कोर्स B) के संचयन भाग के सभी पाठों के नोट्स दिए गए हैं। संचयन में कुल 3 पाठ हैं – हरिहर काका, सपनों के-से दिन और टोपी शुक्ला। हर पाठ का सारांश, कठिन शब्दों के अर्थ, लेखक परिचय, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ शामिल हैं। सभी सामग्री हिंग्लिश (Hindi-English mix) में लिखी गई है ताकि आसानी से समझ आए।
Here we have provided NCERT notes for Class 10 संचयन and II in hindi Language, Just select the chapters below to get notes of the same:
मिथिलेश्वर जी हिंदी के प्रसिद्ध कहानीकार और उपन्यासकार थे। इनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन, सामाजिक विसंगतियाँ और मानवीय संवेदनाओं का चित्रण मिलता है।
यह कहानी हरिहर काका नामक एक बुजुर्ग व्यक्ति की है, जो अपने भाइयों और बहू-बेटों के साथ रहता है। उनके पास 10 बीघा जमीन है, जिसके लिए उनके भाई और बहू-बेटे उनका खूब शोषण करते हैं। जब तक काका के पास पैसे और जमीन थी, सब उनका सम्मान करते थे। लेकिन जब वह बूढ़े और बीमार हो जाते हैं, तो सब उन्हें बोझ समझने लगते हैं। कहानी में समाज के रिश्तों की पोल खोली गई है – कैसे लोग स्वार्थ के चलते अपनों को भी नहीं छोड़ते। अंत में हरिहर काका अकेले और दुखी रह जाते हैं।
गुरदयाल सिंह पंजाबी साहित्य के मूर्धन्य लेखक हैं। उनकी कहानियों में बचपन की स्मृतियाँ, ग्रामीण परिवेश और सामाजिक चेतना का मिश्रण मिलता है।
यह एक आत्मकथात्मक कहानी है जिसमें लेखक अपने बचपन के दिनों को याद करते हैं। वह एक छोटे से गाँव में पले-बढ़े। उनके पिता सरकारी स्कूल में मास्टर थे। कहानी में उनके स्कूल के दिनों, दोस्तों के साथ शरारतें, पेड़ों पर चढ़ना, नदी में नहाना, और मेले-त्योहारों का रोमांचक वर्णन है। विशेष रूप से कबड्डी का मैच, गर्मी की छुट्टियाँ, और गाँव का मेला बहुत यादगार है। लेखक बताते हैं कि वह समय कितना अनमोल होता है – जब कोई चिंता नहीं होती, बस खेलना और मौज-मस्ती करना होता है। आज जब वह शहर में बस चुके हैं, तो उन दिनों को 'सपनों जैसा' महसूस करते हैं।
राही मासूम रज़ा हिंदी के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार और पटकथा लेखक थे। 'टोपी शुक्ला' उनकी चर्चित कहानी है जो मित्रता और सामाजिक समानता पर आधारित है।
यह कहानी दो बच्चों – टोपी शुक्ला और इफ़्फ़न की दोस्ती के इर्द-गिर्द घूमती है। टोपी एक हिंदू ब्राह्मण परिवार का लड़का है, जबकि इफ़्फ़न मुस्लिम है। दोनों साथ-साथ पढ़ते हैं, साथ खेलते हैं और एक-दूसरे के घर जाते हैं। लेकिन समाज के लोगों को यह दोस्ती नागवार गुज़रती है। टोपी के पिता और माताजी उसे इफ़्फ़न से दूर रहने को कहते हैं। फिर भी दोस्ती कायम रहती है। एक दिन इफ़्फ़न का परिवार शहर छोड़कर चला जाता है। टोपी बहुत उदास हो जाता है। बाद में उसे पता चलता है कि इफ़्फ़न के पिता को नौकरी से निकाल दिया गया था क्योंकि उन्होंने भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था। कहानी भेदभाव, धार्मिक असहिष्णुता और सच्ची मित्रता की गहराई को दिखाती है।
ये सभी नोट्स परीक्षा के लिए बहुत उपयोगी हैं। अच्छे अंकों के लिए प्रत्येक पाठ को कम से कम 2 बार पढ़ें और प्रश्नों का अभ्यास करें।